Thursday, January 22, 2015

चिट्ठाकारी मे प्रवेश (Entry into the blogging)


 
सभी ब्लॉगरों एवं पाठकों को बारंबार नमस्कार!


चिट्ठा जगत में मै स्वयं का हार्दिक अभिनंदन करता हूँ। अपने नवीन ब्लॉग की प्रथम पोस्ट पर मुझे आज वैसा ही गर्व हो रहा जैसा नवीन ग्रह के प्रवेश के समय होता है। वैसे उम्मीद कम ही है की कोई निकट भविष्य मे स्वागत करने एवं पोस्ट पढ़ने हेतु यहाँ उपलब्ध होगा, परंतु इस विचार से मै स्वयं को रोक नहीं सकता। मुझे आशंका है की मेरे मित्र गण शीघ्र ही मुझे गलत साबित करने यहाँ उपलब्ध हो जाएंगे, जिस से मुझे प्रसन्नता ही होगी।

मै आज प्रत्यक्ष तौर पर साहित्यिक रूप से स्वयं को संकल्पित कर समाज को सौंप रहा हूँ। यह ब्लॉग मैंने अपने व्यक्तिगत लेखन के लिए शुरू नहीं नहीं करा है अपितु इसके पीछे Social Change and Development की मुख्य भावना और अभिलाषा है। मै आपको constructive and useful सामग्री एवं tasks उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास करूंगा। परंतु आप readers के सहयोग, विचारों, एवं collaborative work, से ही परिवर्तन एवं विकास की कुछ सीढ़ी चढ़ पाएंगे।

बहुत विचार एवं अध्ययन के बाद मैंने ब्लॉग का नाम "अंग्रेज़ चले गए" चुना है। इस नाम को चुनने मे, हमारी, समाज और देश की वास्तविक उन्नति मे बाधक मुख्य factors एवं उनका निराकरण ही मेरा focal point रहा है। अपने उद्देशों के बारे मे विस्तृत चर्चा हम future posts मे करेंगे। तब तक आप थोड़ा दिमाग पे ज़ोर डालने का प्रयास कर सकते हैं। गूगल बाबा तो है हीं।

अग्नि की भांति हम सब प्रकाशित एवं तेजस्वी बने


इसी शुभकामना के साथ

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